तेलक/सलूणी (चंबा)। जिले के मटवाड़ गांव में सामने आए अनाथ नाबालिग बच्चों के मामले के बाद ग्राम पंचायत गंध्वारा के गांव हलेला में हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहां दो नाबालिग बच्चे 10 साल का मोनू ठाकुर और 11 वर्षीय मोहित ठाकुर 70 साल की दादी हल्ली देवी के सहारे है। इनके पिता का देहांत हो चुका है, जबकि मां छोड़कर चली गई है।
ये दोनों बच्चे कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। पंचायत के उपप्रधान धर्मेंद्र ने बताया कि इन बच्चों की माता ने तीसरी शादी कर ली है, जिसे हुए लगभग एक वर्ष हो चुका है। इसके बाद से बच्चों से उसका कोई संपर्क नहीं रहा। पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जिसके बाद दोनों मासूम पूरी तरह बेसहारा हो गए।
इन दोनों बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी अब उनकी दादी पर आ गई है, जो स्वयं वृद्धावस्था और बीमारी से जूझ रही हैं। दादी ही इस परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य हैं, जो बेहद सीमित साधनों के सहारे किसी तरह बच्चों का पेट पाल रही हैं।
तीन बेटों की मौत
यह परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है। बुजुर्ग के तीनों बेटे अलग-अलग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
आपदा में घर क्षतिग्रस्त
अगस्त में हुई भारी बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए, जब उनका कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस मकान की दीवार भी ढह चुकी है। आज स्थिति यह है कि रहने के लिए सुरक्षित छत तक उपलब्ध नहीं है। न तो कोई स्थायी आय का साधन है, न ही किसी प्रकार की सरकारी सहायता अब तक पहुंच पाई है। वृद्ध दादी अपनी कमजोर शारीरिक हालत के बावजूद बच्चों की भूख, पढ़ाई और सुरक्षा की चिंता में दिन-रात जूझ रही हैं। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सोचने को मजबूर करती है।
मामले की करेंगे जांच, हल्ली देवी को मिलेगी सहायता : बीडीओ
विकास खंड अधिकारी कनवर सिंह ने बताया कि आपदा के दौरान कुछ लोगों द्वारा गलत जानकारी देकर अपने नाम आवास सूची में दर्ज करवाए गए थे। ऐसे सभी मामलों की दोबारा जांच की जा रही है और जिनके नाम गलत पाए जाएंगे, उन्हें सूची से हटाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हल्ली देवी के मामले में नियमानुसार निरीक्षण कर उन्हें मकान उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई कर रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।