सिहुंता (चंबा)। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से विभाग की ओर से सिहुंता में खोला गया सरकारी धान खरीद केंद्र किसानों की बेरुखी के चलते बंद करना पड़ा। सरकारी खरीद केंद्र पर अपेक्षाकृत कम दाम मिलने का हवाला देते हुए किसानों ने यहां धान बेचने के बजाय बाहरी जिलों का रुख करना बेहतर समझा। इससे किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ने की योजना अधूरी रह गई। किसानों की सुविधा के लिए सिहुंता में धान खरीद केंद्र खोला गया था, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए दूर न जाना पड़े और सरकारी व्यवस्था के तहत फसल का भुगतान मिल सके। केंद्र खुलने के बाद विभाग को उम्मीद थी कि क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में यहां धान लेकर पहुंचेंगे। हालांकि, किसानों को बाहरी जिलों में धान के बेहतर दाम मिलने लगे। इसके चलते किसानों ने सिहुंता के सरकारी केंद्र पर धान बेचने में रुचि नहीं दिखाई।
स्थानीय किसानों माधो राम, कर्म सिंह, अशोक कुमार, ओंकार शर्मा, दलीप कुमार आदि ने बताया कि जहां उन्हें बाहर बेहतर दाम मिल रहा है, वहां कम दाम पर सरकारी केंद्र में धान बेचने का कोई लाभ नहीं है। ऐसे में किसानों की कम आमद और धान की खरीद न होने के चलते विभाग को आखिरकार सिहुंता स्थित धान खरीद केंद्र बंद करना पड़ा दो एक साल भी नहीं चल पाया।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों ने केंद्र पर धान बेचने से मना कर दिया। इसके चलते धान खरीद केंद्र बंद कर दिया गया। हालांकि, एक-दो किसान पिछले वर्ष धान बेचने के लिए पहुंचे थे।