चंबा। जिले में बारिश न होने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है। खेतों में नमी लगभग समाप्त हो चुकी है, जिससे गेंहू बिजाई का काम अधर में लटक गया है। कई किसानों ने खेतों की जुताई कर ली है, लेकिन पानी की कमी ने उनका इंतजार बढ़ा दिया हैं।
किसान धर्म सिंह, गुलशन कुमार, दलीप सिंह, होशियारा राम, खेम राज और बबलू कुमार का कहना है कि किसानों की चिंताएं सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं हैं, फसल खराब होने का मतलब कर्ज बढ़ना, आय का स्रोत रुकना और परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ना है। बाजार पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि उत्पादन कम होने पर आने वाले महीनों में अनाज की कीमतें बढ़ने की आशंका है।
अगर दो-चार दिन में बारिश नहीं हुई तो इस साल की फसल हाथ से निकल जाएगी, क्योंकि समय बीता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में तो इस माह बर्फ भी पड़ने लगती है। ऐसे में वे गेहूं की बिजाई कैसे कर पाएंगे।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि गेहूं की बिजाई करने का यही समय है, ऐसे में खेतों में बिना नमी के बिजाई करने से पैदावार में भी असर हो सकता है। अभी समय है अगर बारिश हो जाती है तो किसान बिजाई शुरू कर सकते हैं।