एनपीके 12-32-16 खाद के लिए भटकने को मजबूर
कुरांह, चुवाड़ी के अलावा अन्य बिक्री केंद्रों में खाद खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पहाड़ी जिला चंबा में आलू की फसल के लिए अनिवार्य रहने जाने वाली एनपीके 12-32-16 खाद कुरांह और चुवाड़ी बिक्री केंद्रों को छोड़कर कहीं पर नहीं मिल रही है। दोनों बिक्री केंद्रों में भी अब महज 600 क्विंटल ही एनपीके 12-32-16 खाद बची है। नतीजतन, परेल, सलूणी, तीसा स्थित हिमफेड के बिक्री केंद्रों में खाद खरीदने की चाह लेकर आने वाले किसानों को मायूस होकर घरों को लौटना पड़ रहा है। वहीं, हिमफेड के अधिकारी तीन बिक्री केंद्रों के लिए 3000 क्विंटल खाद की मांग भेजी होने की बात कह अपना पक्ष रख रहे हैं।
गौरलब है कि जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में खेतीबाड़ी कर ही ग्रामीण अपने परिवारों का भरण पोषण करते हैं लेकिन समय पर किसानों को अब 12-32-16 खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों राजीव कुमार, मघर सिंह, लब्धी राम, अमरो, चतर सिंह, योगराज, संजीव कुमार, नरेश कुमार आदि ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उन्होंने आलू की बिजाई की है। आलू की फसल के लिए वर्तमान समय में एनपीके 12-32-16 खाद डालने का समय है लेकिन सलूणी, तीसा और परेल स्थित हिमफेड के बिक्री केंद्रों में खाद नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से अब उन्हें बाजार से ही महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ेगी। हिमफेड के बिक्री केंद्रों में खाद की 50 किलोग्राम की बोरी 1900 रुपये में मिल जाती है लेकिन, बाजार में इसके दाम दो हजार से लेकर 2500 रुपये तक हैं। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए समय पर खाद तक नसीब नहीं हो पा रही है।
हिमफेड के सेल्स एक्सीक्यूटिव अधिकारी गगन कुमार ने कहा कि हिमफेड के सलूणी, तीसा और परेल बिक्री केंद्रों में 12-32-16 खाद खत्म हो चुकी है। कुरांह और चुवाड़ी स्थित बिक्री केंद्रों में अमूमन 600 क्विंटल खाद के बैग मौजूद हैं। तीन हजार क्विंटल खाद की मांग भेजी गई है। जल्द खाद पहुंचने की उम्मीद है।