चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं के बुलंद हौसले ने मणिमहेश यात्रा में पेश की आस्था की मिसाल
कोई हेली टैक्सी से गौरीकुंड पहुंचा तो कोई अपनों और सेवादारों के सहारे तय कर रहा कठिन सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। मणिमहेश की कठिन और ऊंची पहाड़ी राह पर कदम-कदम पर परीक्षा है, लेकिन भोलेनाथ के दर्शनों की चाह के आगे शारीरिक मजबूरियां भी छोटी पड़ रही हैं।
श्री मणिमहेश यात्रा में चलने-फिरने में असमर्थ और दिव्यांग श्रद्धालु भी अटूट आस्था के साथ पवित्र धाम तक पहुंच रहे हैं। कोई भरमौर हेलीपैड से हेली टैक्सी के जरिये गौरीकुंड पहुंच रहा है तो कोई परिजनों और सेवादारों के सहारे यात्रा की कठिन राह पार कर रहा है।
शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही। भोलेनाथ के दर्शन और पवित्र डल में स्नान के बाद उनके चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दे रही है। कई दिव्यांग श्रद्धालु इसे अपना सौभाग्य मान रहे हैं कि उन्हें तमाम शारीरिक चुनौतियों के बावजूद बाबा मणिमहेश के दरबार तक पहुंचने का अवसर मिला।
ऐसे श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। भरमौर हेलीपैड पर दिव्यांग और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं को हेली टैक्सी सेवा में प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उन्हें अधिक इंतजार न करना पड़े। वहीं, यात्रा मार्ग पर पुलिस, होमगार्ड, मेडिकल स्टाफ और सेवादारों की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को व्हीलचेयर, सहारा और चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
आस्था ने हर चुनौती को किया पीछे
एसडीएम भरमौर अजय कुमार सिंह ने बताया कि दिव्यांग और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालु पैदल यात्रा के साथ हेली टैक्सी सेवा से भी मणिमहेश पहुंच रहे हैं। उनकी सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं।