चंबा। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा विभाग से प्रवक्ता वर्ग को प्रधानाचार्य पदोन्नति के कोटे में संख्या के आधार पर 95:5 लाभ देने की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष दीप सिंह खन्ना ने बताया कि प्रदेश में प्रवक्ता वर्ग की संख्या 18,500 है और समानांतर फीडिंग कैडर मुख्याध्यापक है। इनकी संख्या महज 800 है। प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटा 50:50 बराबर है जो प्रवक्ता वर्ग के साथ सरासर अन्याय है। इसको अविलंब संशोधित किया जाए और प्रवक्ता वर्ग का शोषण बंद किया जाए।
कहा कि प्रवक्ता पदनाम से न्यू शब्द हटाया जाए और 2010 से पूर्व की तरह संपूर्ण प्रवक्ता वर्ग के लिए समान पदनाम बहाल किया जाए। इसके अलावा यूजीसी की योग्यताएं पूरी करने वाले सभी स्कूल प्रवक्ताओं को महाविद्यालय स्तर पर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति दी जाए। साथ ही स्कूल प्रबंधन समिति के नियुक्त सभी अध्यापकों को नियमित किया जाए। इसके अलावा सभी प्रवक्ताओं को इनिशियल स्टार्ट पंजाब वेतन आयोग की तर्ज पर 43,000 रुपये की जगह 47,000 रुपये दिया जाए। इसके अलावा जिला स्तर पर विज्ञान सलाहकार का पद सृजित कर उसे प्रवक्ता वर्ग से भरने की मांग की गई। इसके अलावा जो प्रवक्ता पैरा टीजीटी से पदोन्नत होकर आए हैं, उन्हें शीघ्र उस समय का 16,290 इनिशियल स्टार्ट वेतनमान और एक वेतन वृद्धि दी जाए। वहीं प्रवक्ता वर्ग की वरिष्ठता सूची को अपडेट करने, छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान शीघ्र करने, सभी कर्मचारियों की एसीपी और लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान शीघ्र करने जैसी मांगें उठाई गईं। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यवाहक उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्रवेश लता से मिला। संघ के अध्यक्ष और महासचिव राजेश ठाकुर ने प्रवक्ता संघ की लंबित मांगों को उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल में जिला संचालन समिति के चेयरमैन शौकत अली, जिले के वित्त सचिव संजीव ठाकुर, मुख्य प्रेस सचिव जगजीत जरयाल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रताप सिंह नेगी और राजीव सिंह उपस्थित रहे।