भरमौर अस्पताल के लिए कोर्ट के आदेश पर सरकार ने किए थे चार विशेषज्ञों के ऑर्डर
दो ने किया ज्वाइन, दो अभी तक नहीं पहुंचे, दूर नहीं हो पाई क्षेत्र के लोगों की समस्या
मरीजों को आज भी अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लगानी पड़ रही 65 किमी लंबी दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। प्रदेश सरकार के आदेशों के बावजूद नागरिक अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थीसिया नौकरी करने के लिए तैयार नहीं हैं।
दो माह पहले हाईकोर्ट के आदेशों पर सरकार ने भरमौर में विशेषज्ञों के खाली पद भरने के लिए तैनाती के आदेश जारी किए थे। इनमें बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ ने अस्पताल में ज्वाइन कर लिया लेकिन रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने अभी ज्वाइनिंग नहीं दी है। इसे देखकर लग रहा है कि उन्होंने अपनी एडजस्टमेंट करवा ली है। ऐसे में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए 65 किलोमीटर दूर चंबा जाने से राहत नहीं मिली है। लाखों रुपये की मशीन होने के बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
कुछ माह पहले विधायक डॉ. जनकराज ने भरमौर में चिकित्सकों के खाली पदों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार और विभाग को बार-बार अवगत करवाने पर भी ये पद नहीं भरे जा रहे। इससे आम जनता काफी परेशान हो रही है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि भरमौर में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरकर जवाब जमा करवाएं। सरकार ने चार विशेषज्ञों के ऑर्डर भरमौर अस्पताल के लिए किए लेकिन इनमें दो विशेषज्ञ ज्वाइनिंग देने नहीं पहुंचे हैं।
भरमौर अस्पताल पर निर्भर है 30 हजार की आबादी
ग्राम पंचायत भरमौर, संचुई, प्रंघाला, हड़सर, कुगति, चौबिया, घरेड़, पूलन, बड़ग्रां, तुंदाह, औराफाटी, गरीमा, सिंयुर और खणी की 30000 की आबादी बीमारी का इलाज करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पर निर्भर करती है। लोगों में राजेश कुमार, चंद्र कुमार, प्रताप सिंह, योगराज, सुरेंद्र, दिनेश और केवल कुमार ने बताया कि जब तक विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो जाती, तब तक विभाग को महीने में एक या दो दिन प्रतिनियुक्ति पर अस्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
वहीं, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिवेश बराल ने बताया कि सरकार को अवगत करवाया जा चुका है। जल्द रिक्त पद भरने की उम्मीद है। उधर, विधायक डॉ. जनकराज ने बताया कि सरकार को बार-बार अवगत करवाने पर भी जब कोई समाधान नहीं हुआ तो उन्हें हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी लेकिन दो विशेषज्ञ अभी तक ज्वाइनिंग देने नहीं पहुंचे, इसको लेकर सरकार से विधानसभा में जवाब मांगा जाएगा।