चंबा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के तहत अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीबी रोगियों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निगरानी और सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा बैठक में सीएमओ डॉ. जालम सिंह ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों और आईसीटीसी केंद्रों में छाती संबंधी लक्षण वाले मरीजों की जांच और रेफरल व्यवस्था की समीक्षा की।
उन्होंने मई के दौरान जिला और खंड स्तर पर टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति का भी मूल्यांकन किया। बैठक में टीबी रोधी दवाइयों की उपलब्धता, वितरण और निक्षय औषधि की वर्तमान स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. जालम सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, समय पर जांच, नियमित उपचार और निक्षय सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से हासिल किया जा सके।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पूरी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवदीप राठौर, डॉ. पदमा, डॉ. विवेक और डॉ. मनोज सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।