चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक बंद होने के कारण आपातकालीन कक्ष में सुबह से लेकर शाम तक मरीजों की लाइनें लगी रहीं। विभिन्न इलाकों से लोग बीमारी का इलाज करवाने के लिए शनिवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
वाल्मीकि जयंती की छुट्टी होने से ओपीडी ब्लॉक बंद रहा। सभी मरीज इलाज के लिए आपातकालीन कक्ष में पहुंचे। यहां मरीजों की संख्या के आगे एक चिकित्सक कम पड़ गया। आपातकालीन कक्ष को इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के इलाज के लिए बनाया गया है, लेकिन छुट्टी वाले दिन आपातकालीन कक्ष सामान्य ओपीडी में बदल जाता है। मरीज पेट दर्द, सिर दर्द, जुकाम, बुखार सहित अन्य छोटी-छोटी बीमारी का इलाज करवाने के लिए आपातकालीन कक्ष में पहुंच जाते हैं। ओपीडी ब्लॉक बंद होने से चिकित्सक मरीजों को वहां से दूसरी जगह भी नहीं भेज पाते हैं। इस कक्ष में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए दस बिस्तरों की सुविधा है। छुट्टी वाले दिन बिस्तरों की संख्या कम पड़ जाती है। मरीज अस्पताल प्रबंधन से मांग कर रहे हैं कि आपातकालीन कक्ष में छुट्टी वाले दिन किसी न किसी विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाई जाए। कई बार जिले में किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर घायलों को आपातकालीन कक्ष में लाया जाता है। ऐसे हालात में सामान्य बीमारी से पीड़ित मरीजों की जांच करना चिकित्सक के लिए मुश्किल हो जाता है। उधर, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि छुट्टी वाले दिन आपातकालीन कक्ष में मरीजों की जांच के लिए विशेष तौर पर डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाती है। इमरजेंसी पड़ने पर फोन पर विशेषज्ञ चिकित्सक को भी मरीज के लिए इलाज के लिए बुलाया जा सकता है।