सिहुंता (चंबा)। जिले के धुलारा क्षेत्र में घोषित कट के बीच बिजली आपूर्ति बहाल करने से लाइन की मरम्मत कार्य में जुटा ठेकेदार का एक कामगार बुरी तरह झुलस गया। उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया है। इस लापरवाही पर बिजली बोर्ड पर कई सवाल उठे हैं। आखिर घोषणा के बाद भी किसने बिजली आपूर्ति बहाल की और ठेकेदार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
जानकारी के अनुसार विद्युत उपमंडल सिहुंता के तहत कई इलाकों में बुधवार को 33 केवी लाइन की मरम्मत और रखरखाव के चलते बिजली आपूर्ति बंद रखी गई थी। धुलारा के पास दो घंटे से ठेकेदार अमनदीप की टीम के पांच कामगार ट्रांसफार्मर की मरम्मत के काम में जुटे थे। इसी दौरान अचानक बिजली लाइन से करंट दौड़ने लगा और कामगार रावण सिंह इसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि कामगार करीब दस मिनट तक तारों में झूलता रहा। इसके बाद बिजली बोर्ड को फोन कर लाइन बंद करवाई गई और लोगों की मदद से सीढ़ी लगाकर उन्हें नीचे उतारा गया। पहले रावण को शाहपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया, फिर हालत गंभीर होने पर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
लाइन बंद होने की पुष्टि के बाद भी सौंपा था काम
ठेकेदार अमनदीप ने कहा कि उनकी टीम को लाइन बंद होने की पुष्टि के बाद ही काम सौंपा गया था। पता नहीं अचानक बिजली चालू किसने कर दी।
जांच करेगी बोर्ड
अधिशासी अभियंता पंकज राठौर का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन इस स्तर की लापरवाही गंभीर जांच का विषय है और इसकी जल्द जांच की जाएगी।