सुंड़ला में पेंशनर फोरम की बैठक में लंबित वित्तीय लाभों पर चिंता
मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बिजली बोर्ड पेंशनरों की लंबित मांगों पर फैसला तो दूर, प्रबंधन के साथ बैठक की तारीख तक तय नहीं होने से पेंशनरों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वीरवार को विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम इकाई सुंड़ला की बैठक में पेंशनरों ने बोर्ड प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
बैठक की अध्यक्षता इकाई के उपप्रधान देस राज ठाकुर ने की। फोरम के मुख्य संगठन सचिव नर सिंह रावत ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान को लेकर बोर्ड प्रबंधन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक बैठक की तिथि निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि बोर्ड अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना को 11 जून 2025 और 10 अगस्त 2026 को पत्र भेजकर बैठक बुलाने का आग्रह किया गया था, बावजूद इसके कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि 20 दिसंबर 2025 को बोर्ड प्रबंधन और पेंशनर्ज फोरम के बीच हुई बैठक में कई मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन अधिकांश मामले अब भी लंबित हैं। सबसे बड़ी चिंता एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अवकाश नकदीकरण, ग्रेच्युटी, पेंशन के अंशराशिकरण समेत अन्य वैधानिक और अर्जित वित्तीय लाभों का भुगतान न होने को लेकर है।
पेंशनरों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद समय पर वित्तीय लाभ मिलना उनका अधिकार है, लेकिन उन्हें लगातार आश्वासन और इंतजार ही मिल रहा है। 29 अगस्त 2026 को हमीरपुर में प्रदेश अध्यक्ष ई. गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य पदाधिकारियों की बैठक में भी इस स्थिति पर चिंता जताई गई थी। नर सिंह रावत ने चेताया कि मांगों की अनदेखी जारी रही तो पेंशनर्ज फोरम प्रदेश स्तर पर आंदोलन और तेज करेगा। इसकी जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन की होगी।