चंबा। वेतनमान न मिलने से गुस्साए प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर और पेंशनरों ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को विद्युत मंडल कार्यालय चंबा के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की गई।
इसके बाद प्रबंधन निदेशक हरिकेश मीणा की शव यात्रा निकाली गई। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि बोर्ड की वित्तीय बदहाली के लिए प्रबंधक वर्ग दोषी है। उन्होंने सरकार से बिजली बोर्ड में तुरंत प्रभाव से एक स्थायी प्रबंध निदेशक की तैनाती करने की मांग की है।
राज्य के मुख्य सचिव मुकेश कुमार जट और पूर्व मुख्य सलाहकार अनिल वर्मा ने बताया कि बोर्ड पिछले 9 माह से अस्थायी प्रबंध निदेशक से चलाया जा रहा है। बोर्ड के कर्मचारियों का वेतन और पेंशनरों की पेंशन एक जनवरी को नहीं मिल पाई है। बिजली बोर्ड से 50 हजार परिवार जुड़े हैं। वर्तमान के प्रबंध निदेशक की कार्यप्रणाली का खमियाजा कर्मियों के परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। हरिकेश मीणा को बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। उनके पास पहले से ही दो विभागों का भार है। यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार से बिजली बोर्ड में स्थायी प्रबंध निदेशक लगाने की मांग की है। कहा कि सरकार की ओर से किए गए सभी संशोधन बोर्ड में भी लागू किए जाएं। कानूनी तौर पर पुरानी पेंशन के बारे में किया गया सरकार का यह संशोधन भी बोर्ड में लागू करना अनिवार्य है। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से बोर्ड को निर्माण के लिए चंबा जिला में दी गई चार छोटी पनविद्युत परियोजनाओं के निर्माण संबंधी बंद किए गए कार्यालयों को शीघ्र शुरू किया जाए।