चंबा। जिले में इलेक्ट्रिक बसों को लेकर बनी योजना अब तक केवल कागजों तक ही सीमित है। दो साल पहले चंबा में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके तहत न चार्जिंग स्टेशन बने और न ही बसों की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ पाई।
चंबा डिपो में फिलहाल डीजल बसों की भी भारी कमी है। कई रूटों पर बसें नहीं चल पा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम स्कूली बच्चों और कामकाजी यात्रियों को बस न मिलने से निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और परिवहन निगम केवल योजनाओं की घोषणाएं कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदल रहा।
जसवीर कुमार, हेमंत शर्मा, प्रदीप शर्मा, किशोरी लाल और संजय शर्मा का कहना है कि चंबा डिपो में पहले से ही बसों की कमी है, जो चल रही वह बीच रास्ते में खराब हो जाती है। कई धूल फांक रही है। लोगों ने परिवहन निगम से मांग की है कि जब तक इलेक्ट्रिक बसें नहीं आतीं, तब तक डीजल बसों की संख्या बढ़ाकर यातायात सुचारु किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह का कहना है कि इलेक्ट्रिक बस परियोजना को लेकर प्रस्ताव सरकार के पास लंबित हैं और जल्द ही इस दिशा में कदम उठाया जाएगा।