चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी में वन विभाग ने तीन हेक्टेयर बंजर भूमि पर देवदार का नया जंगल तैयार कर नया कीर्तिमान हासिल किया है।
वर्ष 2014 में महालूनाला चेकपोस्ट के साथ विभाग ने बंजर भूमि में देवदार के पौधे लगाए। वनरक्षक कमला को इसके सरंक्षण की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हाेंने जंगली जानवरों और भारी बर्फबारी में इन पौधों की देखभाल की। इसके परिणाम स्वरूप अब पौधे पेड़ों के रूप में नजर आ रहे हैं।
आने वाले समय में ये पेड़ गगनचुंबी हो जाएंगे और यहां वन्य जीवों की विभिन्न प्रजातियां विचरण करती हुईं नजर आएंगी। खास बात यह है कि वर्ष 2014 में जिस महिला वन रक्षक कमला कुमारी के क्षेत्र में पौधरोपण किया गया, वह मौजूदा समय में वन खंड अधिकारी बन चुकी हैं।
डीएफओ सहित अन्य अधिकारियों ने भी समय-समय पर इस जंगल की रखवाली को औचक निरीक्षण किए और वन रक्षक से लेकर अन्य कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया।
जनजातीय क्षेत्र पांगी में वन रक्षकों की सबसे ज्यादा कमी है। चार रेंजों की वन बीटों का जिम्मा 10 वन रक्षकों के कंधो पर हैं। ऐसे में जंगल में नियमित गश्त करने के साथ तीन हेक्टेयर पर पौधरोपण की देखभाल करना काफी चुनौतीपूर्ण था।
इस बारे में डीएफओ पांगी रवि कुमार गुलेरिया ने बताया कि माहलूनाला चेकपोस्ट के पास वन रक्षक सहित अन्य कर्मचारियों के परिश्रम से नया जंगल तैयार हुआ है। अब यहां देवदार के छोटे पेड़ देखने को मिल रहे हैं।