चंबा चौगान में कूड़ेदान में भरा कूड़ा।संवाद
चंबा। दशहरा पर्व का त्योहार तो मिलकर मनाया, जब कूड़ा उठाने की बारी आई तो कोई आगे नहीं आया। चंबा के ऐतिहासिक चौगान में फैलेे कूड़े-कचरे को देखकर मैदान में नगर परिषद और जिला प्रशासन के रवैये से यही लगता है।
नगर परिषद अध्यक्ष का दावा है कि चौगान में साफ-सफाई का ठेका प्रशासन ने निजी ठेकेदार को दिया है तो कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी भी उसी की है। दूसरी ओर, उपमंडल अधिकारी नागरिक अरुण शर्मा कहते हैं कि नगर परिषद को सख्त निर्देश देकर चौगान से कूड़े-कर्कट के ढेर हटवाए जाएंगे।
दरअसल, दशहरा खत्म होने के बाद चौगान नंबर एक के इर्द-गिर्द गंदगी पसरी हुई है। कला मंच के पीछे कूड़े के बोरे भरकर रखे गए हैं। इनके आसपास भी कूड़ा बिखरा है। हैरत की बात है कि चंबा चौगान में एक तरफ 11वीं राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुरुष वर्ग की हॉकी प्रतियोगिता चल रही है। इसमें विभिन्न जिलों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। चौगान में बिखरी गंदगी नगर परिषद की पोल खोल रही है।
जिला प्रशासन और नगर परिषद चंबा शहर को स्वच्छ बनाने की बातें तो करते है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। चौगान में दशहरा के बाद भी नियमित तौर पर सफाई नहीं की जा रही है। इसका प्रमाण कलाकेंद्र चंबा कार्यालय के पीछे लगे कूड़े-कचरे के ढेर हैं। दशहरा के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के बाद गिरे कूड़े को उठाने की बजाय बोरों में भरकर चौगान के एक कोने में रख दिया गया है। चौगान के कोने-कोने में स्थापित कूड़ेदान भी कचरे से लबालब भरे हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने बताया कि चौगान में साफ-सफाई का ठेका प्रशासन ने निजी ठेकेदार को दिया है। कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी उसकी है। जो क्षेत्र नगर परिषद के दायरे में आता है, वहां से कूड़ा उठा दिया गया है। उधर, उपमंडल अधिकारी नागरिक अरुण शर्मा ने बताया कि नगर परिषद चंबा का ही चौगान में साफ-सफाई का दायित्व है। उन्हें सख्त निर्देश देकर चौगान से कूड़े-कर्कट के ढेर हटवाए जाएंगे।