पुलिस के अभियान के बावजूद नशा कारोबार और अपराध पर नहीं लग रही लगाम
नशे की हालत में विवाद से बढ़ा तनाव, पत्थर से हत्या तक पहुंचा मामला
जिले में लगातार सामने आ रहे नशे से जुड़े गंभीर अपराध के मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नशे की लत हत्या के मामलों की मुख्य वजह बन रही है। पुलिस विभाग नशे के कारोबारियों और नशेड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए दिन-रात अभियान चला रहा है।
बावजूद इसके साल दर साल नशे की खेप के साथ पकड़े जाने वाले आरोपियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वीरवार रात को कलौता लिंक मार्ग पर हुई युवक की हत्या के पीछे नशा ही मुख्य वजह बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि तीन दोस्तों ने मिलकर शराब पी। इसके बाद इनमें किसी बात पर बहस हो गई। नशे की हालत में हत्या आरोपी अरुण बाइक स्टार्ट कर चलाने लगा। कुछ दूरी पर बाइक सड़क पर पलट गई। बाइक पलटने पर अजय पहुंचा और आरोपी को बाइक चलाने पर डांटने लगा। गुस्से में आकर अजय ने उसे थप्पड़ भी जड़ दिए। इससे आरोपी अरुण बहस करने लगा। दोनों में बहसबाजी बंद न होने पर बाइक मालिक चला गया। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में आरोपी ने पत्थर से अजय के सिर पर कई बार किए। इससे उसकी मौत हो गई। फरवरी 2026 में भी भरमौर (धरवाला) क्षेत्र में शराब की लत और घरेलू विवाद के चलते एक पति ने पत्नी की हत्या कर दी थी। बाद में खुद फंदे पर झूल गया था। अगस्त 2025 में चुवाड़ी क्षेत्र में शराब के नशे में दो युवकों की ओर से एक महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या करने का मामला सामने आया था। इनमें एक आरोपी नाबालिग था। 31 दिसंबर 2024 की रात को बनीखेत के निजी होटल के मैनेजर राजेंद्र मल्होत्रा की हत्या का मामला सामने आया था। पुलिस कर्मियों पर ही शराब के नशे में विवाद के बाद मैनेजर को धक्का देकर हत्या के आरोप लगे थे।
घर का इकलौता चिराग था अजय
अजय कुमार पुत्र भवन सिंह गांव सलोडी (झल) डाकघर पलूंही तहसील माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता भवन सिंह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बेटा पिता का हाथ बंटा रहा था। बेटे की हत्या की खबर सुनकर मां सीढि़यों पर पर ही बेहोश हो गईं। गांव के लोग मां को ढांढस बंधाने के लिए घर पर एकत्रित हुए। पिता सफेद कफन में लिपटे बेटे का शव लेकर घर पहुंचे। माता-पिता कहते सुने गए कि काश उन्होंने बेटे को काम पर ही न भेजा होता।