कड़ाके की ठंड से जमा नाली का पानी। संवाद
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भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में कड़ाके की ठंड पड़ने से लोगों के घरों में लगे नलों का पानी भी जमने लगा है। पेयजल आपूर्ति के स्रोत भी जमने लगे हैं।
जलशक्ति विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे रात के समय नलों को थोड़ा खुला छोड़ दें, जिससे नल से थोड़ा पानी बहता रहे। इससे नल से बहने वाला पानी जाम नहीं होगा। इससे लोगों को पेयजल किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा।
सर्दियों में ग्राम पंचायत भरमौर, गरीमा, खणी, घरेड़ और संचुई में पानी जमने की समस्या सबसे अधिक रहती है। भरमाणी स्थित नाले के पानी से लोगों को पीने का पानी मुहैया करवाया जाता है। मौजूदा समय में ठंड बढ़ने से इन स्रोतों में पानी जमना शुरू हो गया है। इस वजह से लोगों को पानी की किल्लत से भी जूझना पड़ सकता है। लोगों को इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए जल शक्ति विभाग कर्मचारियों की ड्यूटी पेयजल आपूर्ति बहाल रखने में लगा रहा है। लोगों को भी इस समस्या से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
भरमौर में रात के समय तापमान काफी नीचे गिर रहा है। इससे नदी-नालों का पानी जाम हो रहा है। इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। दिसंबर और जनवरी में यह समस्या सबसे अधिक रहती है। इसलिए विभाग शुरुआत में ही लोगों को सचेत कर रहा है। उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता विवेक चंदेल ने बताया कि कड़ाके की ठंड पड़ने से नदी-नालों का पानी जमने लगा है। इससे बचने के लिए लोगों को घरों में लगे नलों का पानी रात को थोड़ा छोड़कर रखना चाहिए। इससे नलों का पानी जाम नहीं होगा।