चंबा। शहरों में कई रेहड़ीधारक और ढाबा संचालक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसको लेकर विभाग के पास लोगों की शिकायतें भी आईं हैं।
नियमों के अनुसार व्यावसायिक गतिविधि के लिए केवल 19 किलो वाला कामर्शियल सिलिंडर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे विपरीत कुछ लोग पैसे बचाने के चक्कर में घर में इस्तेमाल होने वाला छोटा घरेलू सिलिंडर इस्तेमाल कर रहे हैं।
इससे यह भी बात सामने आ रही है कि इन सिलिंडरों की कालाबाजारी हो रही है। वहीं, खाद्य आपूर्ति विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कॉमर्शियल उपयोग के लिए मिलने वाले गैस सिलिंडर की कीमत करीब 1,800 रुपये है। सूत्रों के मुताबिक कालाबाजारी करने वाले लोगों द्वारा यही सिलिंडर 1,800 से लेकर 2,000 रुपये तक का बेचा जा रहा है। इसी प्रकार घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले सिलिंडर की कीमत एजेंसी में 950 रुपये है। यह सिलिंडर ब्लैक में 1,000 से 1,100 रुपये तक का बेचा जा रहा है। यही वजह है कि व्यावसायिक कार्य करने वाले लोग अपनी रेहड़ी और ढाबों में अवैध तरीके से घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इन शिकायतों पर विभाग क्या अमल करता है।
पहले भी कारोबारी शहर में घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल करते पकड़े गए हैं। अब फिर शिकायतें पहुंची हैं। दोबारा अभियान चलाकर व्यावसायिक कार्यों में घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कर्ण ठाकुर, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी