चंबा। नशीली दवाइयों के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने वाले तीन मेडिकल स्टोरों के केमिस्टों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को अदालत में उनका चालान पेश करने की अनुमति भी मिल चुकी है। आगामी दिनों में दवा निरीक्षक इन केमिस्टों के खिलाफ चालान चंबा अदालत में पेश करेंगे।
इन आरोपों के सिद्ध होने पर तीन से पांच साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान है। जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के तीन नामी दवा स्टोरों में दबिश दी थी। इस दौरान जांच की गई तो नशीली दवाइयों के क्रय और विक्रय के बिलों में गड़बड़ी पाई गईं।
इसको लेकर एक रिपोर्ट बनाकर राज्य दवा नियंत्रक को भेजी गई। उनसे केमिस्टों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की गई। उन्होंने पूरी रिपोर्ट को गहनता से जांचने के बाद विभाग को अदालत में चालान पेशन करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब दवा स्टोरों में दबिश दी थी तो उनके साथ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सीआईडी की टीम भी साथ में थी। विभाग अब इस मामले को अदालत में पेश करने वाला है। जहां पर दवा स्टोर संचालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
एक कंपनी और दवा स्टोर संचालक पर पहले ही चल रहा केस
दो केस पहले से अदालत में चल रहे हैं। इसमें एक दवा का सैंपल फेल हुआ था, उस दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ विभाग ने अदालत में केस लगाया है। दूसरे मामले में एक दवा स्टोर संचालक को बिना लाइसेंस दवाई बेचते हुए पकड़ा था। उसको लेकर भी अदालत में केस चल रहा है।
24 से अधिक केमिस्टों के लाइसेंस किए जा चुके हैं निलंबित
विभाग की कार्रवाई में दवाइयों का सही रिकॉर्ड नहीं रखने पर अब तक 24 से अधिक केमिस्टों के लाइसेंस कुछ दिन के लिए निलंबित किए चुके हैं। विभाग की तरफ से सभी केमिस्टों को सख्त निर्देश हैं कि जो भी दवाई बेची जा रही है उसका पूरा रिकॉर्ड उनके पास होना चाहिए।
नशीली दवाइयों के बिलों में गड़बड़ी मिलने पर चंबा के तीन केमिस्टों के खिलाफ अदालत में चालान पेश होगा। अब इसमें आगामी फैसला अदालत सुनाएगी। बिलों में गड़बड़ी करने वाले केमिस्टों के खिलाफ ऐसे ही कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मनीष कपूर, राज्य दवा नियंत्रक चंबा