भरमौर मार्ग पर जांघी में फंस श्रद्धालु। संवाद
चंबा। जिले में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह भूस्खलन से भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 214 सड़कें बंद हो गईं। लोग जान जोखिम में डालकर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र पार करने को मजबूर हैं। कई जगहों पर ग्रामीण रोजमर्रा का सामान पीठ पर लादकर जाते देखे गए।
सोमवार को जिले भर में 390 ट्रांसफार्मर बंद हो गए। इनमें चंबा मंडल के 140, तीसा में 89, डलहौजी में 86, भटियात में 45, सलूणी में 16 और भरमौर में 14 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। सैकड़ों घर अंधेरे में डूबे रहे। बिजली न होने से लोग अपने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज नहीं कर पाए। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग भीगते हुए दूसरी पंचायतों और गांवों तक मोबाइल चार्ज करने गए। जिले में 182 पेयजल योजनाएं ठप होने से लोग खाली बर्तन लेकर प्राकृतिक पनिहारों और स्रोतों से पानी भरने को मजबूर रहे। वहीं, जिले दूरसंचार सेवा भी ठप रहीं।
डलहौजी में चार घर जमींदोज
पर्यटन नगरी डलहौजी की सुदली पंचायत के ककड़ार गांव में चार मकान जमींदोज हो गए। मलूडा में दो घरों में दरारें पड़ीं। प्राथमिक पाठशाला टिक्कर का भवन और देवीदेहरा स्थित पटवार भवन क्षतिग्रस्त हुआ। पुखरी में एक घर को भी नुकसान पहुंचा है। एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने सोमवार को मलूडा, देवीदेहरा और पुखरी का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। मंगलवार को वे सुदली समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उधर, पंचपुला के पास भूस्खलन से डलहौजी-बलेरा मार्ग यातायात के लिए बंद पड़ा है।
बिन्ना पंचायत में खतरे की जद में घर
ग्राम पंचायत बिन्ना में एक घर का बरामदा और दो पिलर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। इससे घर को खतरा पैदा हो गया है। प्रभावित परिवार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
भरमौर मार्ग पर जांघी में फंस श्रद्धालु। संवाद