एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने यूपीआई भुगतान का किया बहिष्कार
नकदी नहीं होने से कई ग्राहक लौटे, खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों को करनी पड़ी व्यवस्था
गांधी जयंती पर बाजार की अधिकांश दुकानों में क्यूआर कोड से भुगतान बंद रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क के विरोध में व्यापार मंडल बनीखेत के आह्वान पर शुक्रवार को व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान का एक दिन के लिए बहिष्कार किया।
गांधी जयंती पर बाजार की अधिकांश दुकानों में क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं किया गया। दुकानदारों ने ग्राहकों से केवल नकद में भुगतान लिया। अचानक डिजिटल भुगतान बंद होने से यूपीआई पर निर्भर ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाजार में कई दुकानदारों ने अपने क्यूआर कोड हटाकर रख दिए। रोजमर्रा का सामान खरीदने पहुंचे ग्राहकों को नकद भुगतान करना पड़ा। जिन लोगों के पास पर्याप्त नकदी नहीं थी, उन्हें बिना सामान खरीदे ही लौटना पड़ा। इससे खासकर उन ग्राहकों को दिक्कत हुई, जो मोबाइल से भुगतान करने के आदी हैं।
ग्राहक मनोज कुमार, साहिल, कर्ण सिंह, मोहिंदर कुमार और नीरज ने बताया कि वे दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने बाजार पहुंचे थे। दुकानदारों ने क्यूआर कोड से भुगतान लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में लोग जेब में अधिक नकदी रखने के बजाय मोबाइल से यूपीआई भुगतान करना पसंद करते हैं। ऐसे में अचानक नकद भुगतान की व्यवस्था होने से परेशानी हुई।
व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है। इसी के विरोध में व्यापार मंडल ने एक दिन के लिए डिजिटल लेनदेन बंद रखने का निर्णय लिया। व्यापारियों ने सरकार से छोटे कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित शुल्क पर पुनर्विचार करने की मांग की।