धर्मशाला। आपदा के दौरान धर्मशाला अस्पताल में मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों को समय रहते सतर्क करने के लिए नया इंटिग्रेटेड अलार्म सिस्टम स्थापित किया जाएगा। अस्पताल की छत पर लगने वाले इस सिस्टम से आपात स्थिति में पूरे परिसर में सायरन गूंजेगा। अस्पताल प्रशासन ने इसे स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है।
अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के बाहर लगा मौजूदा फायर अलार्म सिस्टम करीब 14 साल पुराना है। हाल ही में धर्मशाला में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान यह अलार्म जल गया। इसे ध्यान में रखते हुए अब नया इंटिग्रेटेड अलार्म सिस्टम स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
इसके शुरू होने से आपात स्थिति में अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों तक अलर्ट पहुंचाने में मदद मिलेगी। अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी आपदा या अन्य आपात स्थिति के दौरान सभी को एक साथ सतर्क करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नए सिस्टम से सायरन के माध्यम से लोगों को खतरे की सूचना दी जा सकेगी, जिससे उन्हें समय रहते आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी।
आपदा के दौरान निकासी के लिए छह रास्ते
धर्मशाला अस्पताल में आपदा की स्थिति में लोगों को बाहर निकालने के लिए छह निकासी द्वार बताए गए हैं। इनमें आपातकालीन वार्ड के बाहर, गायनी आईपीडी, अस्पताल के मुख्य द्वार, डिस्पेंसरी के पास, महिला सामान्य ओपीडी के आगे और सरकारी लैब की तरफ जाने वाले रास्ते शामिल हैं। इन रास्तों के माध्यम से आपात स्थिति में लोगों की निकासी में मदद मिल सकती है।
धर्मशाला अस्पताल में आपदा के दौरान लोगों को संदेश देने के लिए इंटिग्रेटेड अलार्म सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। इसके स्थापित होने के बाद पूरे परिसर में सायरन की आवाज सुनाई देगी। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला