पवित्र मणिमहेश झील में काली कुंड से श्रद्धालुओं को दूर रखने के लिए डलझील की हदबंदी की जाएगी। काली कुंड को झील से अलग कर दिया जाएगा, ताकि कोई भी उस तरफ न जा सके। डल झील में स्नान करते वक्त गलती से काली कुंड में जाने की वजह से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसका सबसे ताजा उदाहरण करीब दो साल पहले का है। जब जम्मू-कश्मीर का एक श्रद्धालु कालीकुंड की तरफ चला गया था और डूबने से उसकी मौत हो गई थी। करीब एक हफ्ते बाद उसकी लाश झील से निकाली जा सकी थी। प्रशासन ने अब डल झील के काली कुंड में लोक निर्माण विभाग को रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी श्रद्धालु काली कुंड में न जा सके। पवित्र मणिमहेश स्नान को कार्तिक स्वामी की आज्ञा से संचूई के चेले डल झील की परिक्रमा के बाद झील को पार करते हैं। उनके पार करते ही राधाष्टमी का स्नान शुरू होता है, लेकिन कुछ चेले कालीकुंड की तरफ चले जाते हैं जिससे उनकी मौत हो जाती है। इसके अलावा झील में सफाई व्यवस्था पर निगरानी करने के लिए भी स्वयंसेवी तैनात रहेंगे। प्रशासन ने मणिमहेश झील की पवित्रता को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाने के प्रबंध किए हैं।
काली कुंड में लगाई जाएगी रोक : उपायुक्त
उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि डल झील में कोई डूबे न इसलिए यह व्यवस्था की जा रही है। लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे झील में काली कुंड की तरफ रोक लगाएं। साथ ही डल झील में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।