भरमौर(चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में लोगों को डिमांड अनुसार बालन लकड़ी मुहैया करवाने में वन निगम असफल हो रहा है। इस बार भरमौर में वन निगम को 200 क्विंटल बालन लकड़ी उपलब्ध करवाने की डिमांड भेजी गई थी। लेकिन, निगम ने अभी तक भरमौर में मात्र 76 क्विंटल बालन लकड़ी भेजी है। 31 पंचायतों के लोग सर्दी में अपने घरों में ठंड से बचने के लिए आग जलाने में बालन लकड़ी का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सर्दी के मौसम में भरमौर वासियों को पर्याप्त मात्रा में बालन की लकड़ी उपलब्ध नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, इस बार पिछले साल की तुलना में बालन लकड़ी 70 रुपये प्रति क्विंटल महंगी मिल रही है। इसको लेकर भी लोगों ने अपनी नाराजगी सरकार के प्रति जाहिर की है।
स्थानीय निवासी अशोक कुमार, हंसराज, सुनील कुमार, जितेंद्र, रवि कुमार, सोभिया राम, देसराज और ध्याना राम ने बताया कि सर्दी के दौरान जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर में जीवन काफी कठिन हो जाता है। बर्फबारी होने पर कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी गुल हो जाती है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचने के लिए बालन लकड़ी जलानी पड़ती है। लेकिन, सरकार इस लकड़ी की कीमत में हरेक वर्ष वृद्धि कर रही है। पिछले साल बालन के रेट 913 रुपये प्रति क्विंटल थे, जो कि इस साल बढ़कर 988 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं।
उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी भरमौर मेजर सिंह ने बताया कि बालन लकड़ी की कीमत का बढ़ना या कम होना वन निगम तय करता है। अभी तक डिमांड के मुताबिक भरमौर में बालन लकड़ी नहीं पहुंची है। इस बावत उच्चाधिकारी को बता दिया है।
THAR SUV बनी आग का गोला
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