मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, ग्राम सचिव को प्रमाणपत्र जारी करने की शक्तियां देने की मांग
देरी से पंजीकरण में लोगों को कई चरणों से गुजरना पड़ रहा, 1000 से 1200 रुपये तक अतिरिक्त खर्च का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी ने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल करने की मांग उठाई है। सोसायटी ने उपायुक्त चंबा को ज्ञापन सौंपकर देरी से होने वाले जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण में आम लोगों को पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने का आग्रह किया है।
सोसायटी के अध्यक्ष लतीफ मोहम्मद और कार्यालय सचिव मोहम्मद युसूफ ने बताया कि कई लोगों के जन्म की प्रविष्टि जन्म रजिस्टर में दर्ज नहीं है, जबकि परिवार रजिस्टर में उनका रिकॉर्ड मौजूद है। ऐसे लोगों को जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ग्राम सचिव से प्रपत्र संख्या-10 लेने के बाद कई हलफनामे तैयार करवाने पड़ते हैं।
सोसायटी का कहना है कि इस प्रक्रिया में लोगों को करीब 1000 से 1200 रुपये तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सोसायटी ने कहा कि विभिन्न सरकारी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अलग-अलग स्तर पर हलफनामे मांगे जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
सोसायटी ने हिमाचल प्रदेश सरकार की 31 जनवरी 2015 की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि न्यायिक दावों, न्यायाधिकरण और उपभोक्ता न्यायालय से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य नागरिक सेवाओं और प्रमाणपत्रों के लिए हलफनामे की आवश्यकता समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। इसके स्थान पर साधारण कागज पर स्वघोषणा को मान्य किए जाने की बात कही गई है। सोसायटी ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की शक्तियां ग्राम सचिव को देने का आग्रह किया।