चंबा के रजेरा से भानिया को बन रही सड़क का मक रावी नदी में लगाया जा रहा ठिकाने
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चंबा। रावी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए जहां जिला प्रशासन रोजाना सरकारी विभागों को दिशा निर्देश जारी कर रहा है, वहीं सड़क निर्माण के दौरान सारा मलबा रावी नदी में फेंककर लोक निर्माण विभाग के ठेकेेदार रावी नदी को प्रदूषित कर रहे हैं।
इन दिनों रजेरा से भानिया के लिए सड़क का निर्माण किया जा रहा है। जहां पर सड़क बनाने के लिए की जा रही कटिंग से निकलने वाला मलबा डंपिंग साइट पर फेंकने के बजाय सीधे रावी नदी में ठिकाने लगाया जा रहा है। रावी नदी तो इससे प्रदूषित हो रही है, साथ में वन संपदा को भी नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन हैरानी इस बात की है कि वन विभाग का कोई कर्मचारी इसके खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठा रहा है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
सरकारी भूमि पर अपना रोजगार शुरू करने वाले बेरोजगारों को तो वन विभाग अवैध कब्जा करने का हवाला देकर खदेड़ देता है, लेकिन वन संपदा को मलबे से तबाह करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जहां पर मलबा फेंका का जा रहा है। वहां, छोटे पौधे मलबे में दब चुके हैं। रावी का तट मलबे से भर चुका है। बरसात के दिनों में रावी नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह मक निचले क्षेत्रों में तबाही मचा सकता है। इसलिए विभाग को इस अवैध डंपिंग को लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
-उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। जल्द ही संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी को भेजकर मलबा फेंककर वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अमित शर्मा, वनमंडल अधिकारी चंबा