चुवाड़ी (चंबा)। भटियात विधानसभा क्षेत्र की गाहर पंचायत के जुलाहकड़ गांव के एक मकान में बुधवार रात को घुसे मलबे को पंचायत प्रतिनिधियों ने जुलाहकड़ नाले में फिंकवाने का निर्णय लिया है। मकान से आगे खाली जमीन पर मलबा फेंकने से आगामी समय में नीचे स्थित आठ मकान मालिकों के लिए भी यह खतरा बन सकता है।
बहरहाल,प्रभावित बशीर खान के परिवार ने दूसरी रात भी अपने पड़ोसी के घर पर ही गुजारी। बुधवार मध्यरात्रि भारी बारिश के बाद मकान में घुसे टनों के हिसाब से मलबे को हटाने में लोक निर्माण विभाग के कुछ कर्मी और ग्रामीण दिनभर जुटे रहे। वहीं पंचायत प्रबंधन की ओर से मकान की ओर बहकर आए मलबे के रास्तें में डंगे लगवाने के लिए लेकर प्रस्ताव तैयार कर विकास खंड अधिकारी भटियात को भेज दिया गया है। गौरतलब है कि बुधवार देर रात को भारी बारिश के बाद बारिश का पानी और टनों के हिसाब से मलबा मकान में घुस गया था। गनीमत यह रही कि ऐन मौके पर मकान के भीतर मौजूद परिवार ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने में समझदारी दिखाई। इस दौरान प्रभावितों ने अपने माल-मवेशियों को भी एक-एक कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया और पड़ोसी के घर शरण लेकर रात गुजारी। मकान के भीतर घुसे मलबे को ठिकाने लगाना अब परिवार और पंचायत प्रबंधन के लिए भी चुनाैती बना हुआ है। मलबे को वे घर से आगे स्थित खाली जमीन पर नहीं फेंक सकते हैं। इससे रहीमदीन, मराजदीन, कुकुदीन, मोहम्मद रफी, ग्रामखान और जमालदीन के घरों को खतरा उत्पन्न हो सकता है। गाहर पंचायत प्रधान राज कुमार ने बताया कि मकान के भीतर घुसे मलबे को जुलाहकड़ नाले में फेंकने का निर्णय किया गया है। बताया कि जिस रास्ते से पानी और मलबा बहकर आया है वहां पर डंगे लगवाने के बारे में प्रस्ताव बनाकर विकास खंड अधिकारी को भेजा गया है।