बैरा सियुल प्रभावितों के मुद्दों पर जिला प्रशासन गंभीर, ग्रामीणों में भी जगी उम्मीद
चीह पंचायत के ग्रामीणों ने ज्ञापन में उठाई थीं प्रभावित परिवारों की समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हिमगिरी/चुराह (चंबा)। बैरा सियुल जलविद्युत परियोजना से प्रभावित पंचायत चीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की वर्षों पुरानी मांगों ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
लंबे समय से पुनर्वास, स्थानीय विकास, रोजगार और सीएसआर कार्यों को लेकर आवाज उठा रहे परियोजना प्रभावितों को अब नई उम्मीद दिखाई देने लगी है। जिला प्रशासन ने पहली बार गंभीर रुख अपनाते हुए एनएचपीसी प्रबंधन से परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में किए गए कार्यों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है।
पंचायत चीह के ग्रामीणों ने प्रशासन को भेजे ज्ञापन में परियोजना प्रभावित परिवारों की समस्याओं और क्षेत्र की उपेक्षित स्थिति को प्रमुखता से उठाया था। इस पर उपायुक्त कार्यालय से 25 मई को बैरा सियुल पावर स्टेशन सुरंगानी के परियोजना प्रमुख को पत्र जारी हुआ। इसमें पूरे मसले को लेकर जानकारी मांगी है। प्रशासन ने परियोजना प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को दिए लाभ, पुनर्वास योजनाओं की स्थिति और विकास कार्यों की रिपोर्ट शीघ्र दी जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उनकी आवाज अनसुनी की जाती रही। अब पहली बार प्रशासन ने सीधे परियोजना प्रबंधन से जवाब-तलब किया है। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन इसी तरह गंभीरता दिखाता रहा तो प्रभावित क्षेत्रों के लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान संभव हो सकता है। अब सभी की निगाहें एनएचपीसी प्रबंधन की आगामी प्रतिक्रिया और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी और जिन गांवों ने देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए अपना सब कुछ समर्पित किया, उन्हें आखिरकार उनका अधिकार और सम्मान मिल सकेगा।