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साईं वे साईं फरियाद तेरे ताईं, खूब बजी तालियां

Fri, 29 Jul 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
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मिंजर मेले की छठी सांस्कृतिक संध्या सूफी गायक सतिंद्र सरताज के नाम रही। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों के साथ साथ दूर-दूर से आए लोगों ने सूफी गानों का आनंद लिया। उन्होंने अपने फेमस साईं वे साईं फरियाद तेरे ताईं, सजन राजी हो जावे, रोला नेईयो पाईदा समेत निक्की जेही कूड़े समेत कई गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी।
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इससे पहले सांस्कृतिक संध्या का आगाज राजिंद्र के मुसाधा गायन से हुआ। जिसमें उन्होंने कृष्ण भजन और बड़ियां जो तुड़का लाना ओ ठेकेदारनिए जैसे लोकप्रिय गीत गाकर लोगों संध्या का विधिवत रूप से आगाज किया। इसके बाद मशहूर हिमाचली भजन महादेवा ओ महादेवा के रचियता इंद्र सिंह भरमौरी की शिष्या रितिका भारद्वाज ने कजो नैन मिलाए दिल मेरेया व भेड़लियां चुगदी धारा धारा हिमाचली गाने प्रस्तुत करके सबकी वाहवाही और तालियां लूटी। शंभू दर्शन कलामंच की प्रस्तुति के बाद सनातन धर्म नाटक मंडल ने पटठेया पटठौरेया व जली जांदी चांदनी की रात हिमाचली गानों पर चंबा का घुरेई नृत्य पेश किया।

वहीं रुचिका, कमलदीप सिंह, सुरेश म्यूजिकल ग्रुप ने सांस्कृतिक संध्या में माहौल को प्राइम टाइम तक ले जाने का बखूबी काम किया। इसके बाद कुलदीप कुमार ने कुंजड़ी मल्हार गाकर पंडाल में पहुंचे दर्शकों के आगे स्थानीय संस्कृति की झलक बिखेरी। एमआर भाटिया ने राग सिंद भैरवी व राग पहाड़ी की धुनें बासुंरी से बजाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। तत्पश्चात कुल्लू की चांदनी ने माई ऐंडे आ, सोने की चिड़िया माई ऐंडे आ गाकर कुल्लू की कुल्लू की संस्कृति के रंग बिखेरे। हाटेश्वरी म्यूजिकल ग्रुप की ओर से लाल मेरी पतरेखिए गाकर माहौल को जोश से भर दिया। तो सिरमौर की रीना ठाकुर ने ठंडे पानिए दे मंजनू, लांबी घासन रे घासो व कांडा चुभा तिबरू दा गाकर रंग मंच के आसपास टहल रहे लोगों को रंग मंच तक खींच लाने का काम किया।
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