ग्राम पंचायत बाट के गांव चलारा में बुधवार शाम उत्पादी बंदरों ने दो बच्चों को नोंच लिया।
दोनों भाई बहन मिलकर खाना खा रहे थे कि इसी दौरान उत्पादी बंदरों का झुंड उनके घर घुस आया।
बंदरों ने पहले खाना छीन लिया, साथ ही बच्चों को भी नोंच लिया। बच्चों के चिल्लाने की आवाजें सुन परिवार के अन्य सदस्य एकदम वहां एकत्रित हो गए और बंदरों को भगाया। घायल बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टर ने बच्चों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल में भर्ती कर लिया। घायल बच्चों की पहचान अंश (3) और अर्पिता (डेढ़ साल) पिता राकेश निवासी चलारा के रूप में हुई। दोनों बच्चों के मुंह और हाथ पर बंदरों ने गहरे जख्म कर दिए हैं।
बाट पंचायत के ग्रामीण काफी समय से प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उनकी पंचायत को बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाई। घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण वन विभाग और जिला प्रशासन को लिखित में शिकायत कर चुके हैं। अभी तक विभाग व प्रशासन की ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने कहा कि बंदर खेतों में फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीवानंद चौहान ने बताया कि बंदरों के हमले से घायल हुए बच्चों का उपचार क्षेत्रीय अस्पताल में चल रहा है। डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि घायल बच्चों के उपचार का सारा खर्चा विभाग वहन करेगा। बाट पंचायत में पिंजरे लगाकर बंदरों को पकड़ कर अन्य स्थान पर छोड़ा जाएगा।