चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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सत्र न्यायाधीश चंबा पदम सिंह की अदालत ने दुराचार व मारपीट के आरोपी कंवर लाल पुत्र महाजन निवासी कंडोवा डाकघर लेसुई को दोषी करार देते हए दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त को भादंसं की धारा 376 के तहत दस साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में उसे छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जबकि भादंसं की धारा 452 के तहत तीन साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में छह माह की कैद भुगतनी होगी। इस संबंध में 21 अप्रैल 2014 को नकरोड़ चौकी में एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि वह अपने पति के साथ पड़ोसी के घर नवाला (शिवपूजन) में गई थी।
इस दौरान उसके बच्चे घर में अकेले ही थे। कुछ देर बाद उसका बेटा दौड़ता हुआ आया और कहा कि कंवर लाल ने उसकी पिटाई कर दी है। जब वह अपने घर के बरामदे पर पहुंची तो कंवर लाल उसके कमरे से निकला। जब उसने कंवर लाल को पकड़ने की कोशिश की तो वह धक्का देकर मौके से फरार हो गया। जब उसने कमरे के अंदर जाकर देखा तो उसकी बेटी अंदर खून से लथपथ पड़ी थी। जब उसने बेटी से पूछताछ की तो उसने बताया के कंवर लाल ने उसके साथ दुराचार किया है। जिसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत नकरोड़ चौकी में कर दी।
पुलिस ने मामला दर्ज किया और छानबीन के बाद चालान कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट में ट्रायल के बाद दोषी कंवर लाल को वीरवार को सजा सुनाई गई है। इस केस की पैरवी जिला न्यायवादी एसएस पठानिया ने की।