जिला मुख्यालय के विभिन्न सड़क मार्गों पर ट्रैफिक लाइटें पिछले कई महीनों से खराब पड़ी हुई हैं। इससे सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ट्रैफिक समस्या को ध्यान में रखते हुए यह ट्रैफिक लाइटें चंबा बस स्टैंड, सुल्तानपुर व जुलाहकड़ी सड़क मार्ग पर लगाई गई थीं।
कुछ समय के लिए यह ट्रैफिक लाइटें सुचारु रूप से कार्य करती रहीं लेकिन इन ट्रैफिक लाइटों का समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण इनकी हालत खस्ता होती चली गई। मौजूदा समय में यह सभी ट्रैफिक लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। पुलिस विभाग व प्रशासन इन ट्रैफिक लाइटों को ठीक करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
आलम यह है कि शहर में गाड़ियों की काफी आवाजाही होने के कारण कई स्थानों पर घंटा भर जाम लगता रहा। इसके अलावा जुलाहकड़ी व सुल्तानपुर में ट्रैफिक लाइटें बंद होने से सड़क के दोनों तरफ से गाड़ियों की आवाजाही एक ही समय में होने से यातायात बाधित हो रहा है।
यातायात को सुचारु रूप से चलाने में यातायात पुलिस अपना पूर्ण रूप से कार्य कर रही है लेकिन कई बार ट्रैफिक जाम इतना ज्यादा हो जाता है कि पुलिस कर्मियों को जाम खोलने में आधा घंटे का समय लग जाता है। जाम में फंसने के कारण कई लोग अपने गंतव्य तक सही समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। साथ ही ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण कई बार बसें अपने तय रूटों पर समय पर नहीं पहुंच पाती हैं। अगर खराब पड़ी ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त करवा दिया जाता है तो यातायात में पेश आ रही जाम की समस्या से काफी हद तक पीछा छुड़ाया जा सकता है।