ब्लाक क्षेत्र की मूड़ागालिब सहकारी संघ के सचिव पर किसानों के लिए आए 70 क्विंटल अनुदानित गेहूं बीज को चोरी से बेचने का आरोप है। किसानों ने धरना प्रदर्शन करते हुए बताया कि उनकी सजगता से गेहूं बिक नहीं पाया तो सहकारी संघ के कर्मचारियों ने एक सिख फार्मर के यहां गेहूं छिपा दिया। किसानों के हंगामा करने पर मौके पर मौजूद एडीओ दिलीप कुमार ने मामले की जांच की। उन्होंने रिपोर्ट बड़े अफसरों को भेजने की बात कही है। एडीओ का कहना है कि गेहूं बीज गोदाम में रखवा दिया गया।
किसानों का आरोप है कि मंगलवार की सुबह चार बजे के करीब मूड़ा गालिब के सचिव गुलाब प्रसाद वर्मा ने करीब 70 क्विंटल गेहूं बीज को बाजार में बेचने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली से ले जाना चाहा। उनके साथ सहकारी संघ के प्राइवेट कर्मचारी देशराज सिंह और जगपाल सिंह भी थे। इधर उन्हें जब पता चला कि सहकारी संघ में अनुदान पर बिक्री के लिए आए बीज की कालाबाजारी होने जा रही है तो उन्होंने ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ लिया। वहीं कर्मचारियों ने स्वयं को घिरता देखा तो उन्होंने एक बड़े सिख फार्मर के यहां ट्रैक्टर ट्रॉली ले जाकर खड़ी कर दी।
किसानों ने एसडीएम मोहम्मदी को सूचना दी और कार्रवाई करने की मांग की। जब कुछ नहीं हुआ तो नाराज किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर खीरी मुख्यालय से पहुंचे एडीओ का कहना है कि गेहूं बीज गोदाम में रखवा दिया गया है। संघ के अभिलेख ले लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। उन्होंने घटना की जानकारी एआरओ खीरी को भी दे दी है। किसानों की मांग है कि सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। हालांकि इस बाबत सचिव गुलाब प्रसाद वर्मा का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इस मौके पर आदेश जोशी, जोगराज सिंह एडवोकेट, मुख्तयार सिंह, राकेश सिंह, जमुनादीन पाल, रामस्वरूप कनौजिया, देवेंद्र सिंह सहित तमाम किसान मौजूद रहे।