चुराह घाटी के श्रीगढ़ गांव में शनिवार सुबह एक दो मंजिला लकड़ी के मकान में आग लग गई। जिस समय यह हादसा हुआ घर के लोग घरों में खाना बनाने समेत अन्य कार्यों में व्यस्त थे। स्थानीय लोगों ने केसो पुत्र हरि सिंह के मकान की निचली मंजिल से धुंआ निकलते हुए देखा, तब तक काफी देर हो चुकी थी। लोग जल्दबाजी में अपने आपको और मवेशियों को घर से निकाल पाए होंगे कि आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। उसके बाद साथ लगते घरों के भी आग की चपेट में आने की समस्या पैदा हो गई।
लोगों ने आसपास के गांव से भी लोगों को सूचना देकर मौके पर बुलाया। नतीजतन लगभग एक किलोमीटर दूर नाले से डाक लगा कर बाल्टियों से पानी मौके पर पहुंचा तो लागों ने उसे आग पर फेंक कर अपने घरों को बचाया। इस घटना में केसो राम का घर पूरी तरह से जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग के संबंधित सर्कल के पटवारी और कानूनगो हालात का जायजा लेने पहुंचे।
उधर, आग लगने से प्रभावित केसो राम का कहना है कि इस आग से उसके घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया है। प्रशासन ने फौरी राहत के रूप में प्रभावित केेे परिवार को छह कंबल के साथ गांव के ही एकघर में रहने का प्रबंधन कर दिया है। प्रभावित परिवार को खाने पीने की आवश्यक वस्तुएं भी मुहैया करवाई गई हैं।
नायब तहसीलदार तीसा प्रकाश चंद नरयाल ने बताया कि आग से हुए नुकसान की रिपोर्ट का आकलन कर प्रभावितों को उचित मुआवजा जल्द प्रदान किया जाएगा। लोगों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। अन्यथा पूरे गांव पर संकट आ सकता था।