करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास में बर्फ को काटकर लोक निर्माण विभाग ने पांगी घाटी को मौसम की कैद से आजाद करवा दिया है। अप्रैल माह में शुरू हुआ साच पास मार्ग बहाली का काम पूरा होने में करीब दो महीने लग गए हैं। अब प्रशासन ने यहां से परिवहन निगम की बस सेवा शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
साच पास पर सात से दस फीट ऊंची बर्फ की दीवारें हैं जिनके बीच से सड़क पांगी को चंबा से जोड़ती है। पांगी प्रशासन का दावा है कि मार्ग को निर्धारित समय से एक माह पूर्व बहाल कर लिया गया है। पिछले साल जून के आखिर में मार्ग बहाल हो पाया था और अक्तूबर के आखिर तक यहां से गाड़ियों की आवाजाही हो रही थी। साच पास में जून माह में भारी बर्फ का लुत्फ उठाया जा सकता है। पांगी प्रशासन की मानें तो रोहतांग पास पर नियमों की तलवार चलने के बाद पांगी का साच पास पर्यटकों को खुला निमंत्रण दे रहा है।
हालांकि यहां अभी पर्यटकों के रहने और खाने-पीने की संभावनाएं विकसित नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि पांगी घाटी को चंबा से जोड़ने वाला इकलौता मार्ग साच पास से होकर बनाया गया है। मार्ग साल के करीब छह से आठ महीने तक बर्फबारी की वजह से बंद रहता है। लेकिन इन दिनों लोक निर्माण विभाग ने मार्ग को बहाल कर दिया है और अब यहां से बसों की आवाजाही का इंतजार हो रहा है।
साच पास को पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास जारी : एसडीएम
एसडीएम पांगी कर्म सिंह चौधरी का कहना है कि इस बार एक माह पूर्व साच पास मार्ग को बहाल किया गया है। इस मार्ग पर जल्द ही बस सेवा शुरू होगी और लोग कम किराये में चंबा पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि पांगी प्रशासन दूरसंचार माध्यमों का इस्तेमाल कर साच पास मार्ग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहा है।