पल्यूर पंचायत में मतगणना को लेकर उपजा गतिरोध एसडीएम कार्यालय तक पहुंच गया है। चुनाव हारे उम्मीदवार ने समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर न्यायिक जांच की मांग की है। पल्यूर के पूर्व प्रधान कैलाश चंद ने बताया कि मंगलवार को पंचायत में मतगणना थी। इस दौरान पहली बार हुई मतगणना में उसे चार वोटों से विजयी घोषित किया गया। पहली मतगणना में उसे 385 जबकि दूसरे उम्मीदवार को 381 मत पड़े थे।
दूसरे उम्मीदवार ने दोबारा मतगणना की मांग की। जब दोबारा वोट गिने गए तो उसके दो वोट रद्द कर दिए गए और उसे 383 वोट दिखाए गए, लेकिन इसके बावजूद वह दो वोटों से चुनाव जीत रहा था लेकिन दूसरे उम्मीदवार ने तीसरी बार मतगणना की मांग की और तीसरी बार गिनती शुरू हो गई जिसमें उसे दो वोट और कम कर दिए गए।
इसके बाद दोनों उम्मीदवार 381-381 मतों पर आ गए। बराबरी होने पर खंड विकास अधिकारी को बुला लिया गया। उनकी निगरानी में चौथी बार हुई मतगणना में उनका एक वोट और रद्द किया गया और दूसरे उम्मीदवार को एक वोट से विजयी घोषित कर दिया गया।
कैलाश चंद ने एसडीएम से मांग करते हुए कहा कि उनकी गिनती दोबारा से होनी चाहिए और प्रशासन रद्द किए गए मतों की भी जांच करे। यह मत किस आधार पर रद्द किए गए थे इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उधर, एसडीएम चंबा बचन सिंह ने कैलाश चंद को आश्वासन दिया है कि प्रशासन इस मामले की जांच करेगा जिसमें कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।