चरस तस्करी का दोष साबित होने पर चंबा के माई का बाग मोहल्ला निवासी मनीष कुमार पुत्र गोपाल सिंह को अदालत ने चार वर्ष की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह फैसला एडिशनल स्पेशल जज पारस डोगर ने सुनाया है। मामले की पैरवी लोकाधिवक्ता कंवर उदय सिंह ने की। केस के अनुसार तीन अक्तूबर 2014 की शाम डलहौजी पुलिस थाना के एसआई एसएचओ भूपेंद्र सिंह की अगुवाई में पुलिस पार्टी ने चंबा-पठानकोट मार्ग पर गोली चौक पर नाका लगा रखा था।
इस दौरान चौहड़ा की ओर एक व्यक्ति बैग उठाए हुए आते दिखा। लिहाजा शक होने पर जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह व्यक्ति मौके से भागने की कोशिश करने लगा। नतीजतन पुलिस ने मुश्तैदी दिखाते हुए फौरन उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में व्यक्ति ने अपनी पहचान मनीष पुत्र गोपाल सिंह निवासी मोहल्ला माई का बाग बताई। उधर, तलाशी के दौरान मनीष के पास एक नीले रंग का थैला मिला। जिसकी जांच करने पर पुलिस को उसके अंदर रखी लगभग 410 ग्राम चरस बरामद हुई।
इसके चलते पुलिस चरस को कब्जे में लेकर मनीष को मादक द्रव्य अधिनियम के तहत हिरासत में ले लिया था। दोष साबित होने पर दोषी को चार वर्ष की कैद और दस हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई है।