सिहुंता के पातका बस हादसे में चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है। यह हादसा स्टेरिंग पिन निकलने की वजह से ही हुआ था। यह पिन खराब हो चुकी थी और इसे तत्काल बदले जाने की जरूरत थी लेकिन बस चालक ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया जिसकी वजह से धर्मशाला से डलहौजी रही बस पातका के पास अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी।
यह रिपोर्ट परिवहन निगम की विशेषज्ञ जांच कमेटी ने बनाई है। कमेटी वीरवार को सिहुंता पहुंची थी। दो सदस्यीय कमेटी ने घटनास्थल का दौरा किया व हादसे के दौरान पेश आए हालात की बारीकी से छानबीन की। इस दौरान उन्होंने मौके से मिली स्टेरिंग पिन का मुआयना भी किया। विशेषज्ञों की राय में यह पिन खराब हो चुकी थी और इसे बदला जाना जरूरी थी। यदि चालक ने समय रहते बस की सर्विस करवाई होती तो हादसा टाला जा सकता था। विशेषज्ञ की तरफ से यह रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने अब चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा भी मामले में जोड़ ली है।
पुलिस की मानें तो चालक को बस की हालत का अंदाजा होना चाहिए था। हादसे से पूर्व चालक उतराई पर बस चला रहा था और उसकी स्पीड भी ज्यादा थी। बार-बार रगड़ खाने के बाद अचानक स्टेरिंग पिन निकल गया और चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया। जिसके चलते बस सीधे खाई में जा गिरी। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 33 घायल टांडा में उपचार करवा रहे हैं। जिनमें से कइयों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस अब इस रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में आगामी कार्रवाई करेगी।