चरस तस्करी का आरोप साबित होने पर चुराह निवासी नंद लाल पुत्र बलि राम गांव भटलूंडी को नौ वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा हुई है। यह निर्णय शनिवार को पारस डोगर एलडी एडिशनल स्पेशल जज चंबा की अदालत ने सुनाया है।
इस मामले की पैरवी न्यायवादी कुमार उदय सिंह ने की है। सुनवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ तेरह गवाहों ने बयान दिया है। यह मामला नौ सितंबर 2013 को उस समय पेश आया था, जब हेडकांस्टेबल विरेंद्र ने पुलिस पार्टी के साथ शाम के समय बैली में नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान बनीखेत की ओर से एक व्यक्ति पैदल चला आ रहा था। जिसने अपने साथ एक बैग भी उठा रखा था। लेकिन जैसे ही उसकी नजर पुलिस पर पड़ी। उक्त व्यक्ति थोड़ा रुका और फिर मौके से भागने लगा।
लिहाजा पुलिस पार्टी ने नंद लाल की संदिग्ध गतिविधि देखते हुए फौरन उसे पकड़ लिया। जिसके बाद तत्कालीन डिप्टी एसपी मौके पर पहुंचे तो नंद लाल की तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद बैग से एक किलो चरस बरामद हुई। लिहाजा पुलिस ने मौके पर चरस को कब्जे में लेकर नंद लाल को मादक द्रव्य अधिनियम की धारा बीस के तहत हिरासत में ले लिया। जहां से उसे अग्रिम कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया गया। जहां पर आरोपी नंद लाल को लगभग तीन वर्ष की सुनवाई के बाद दोषी पाया गया।