चंबा। चंबा-सिल्लाघ्राट मार्ग पर सवारियों से भरी निजी बस के लुडेरा नामक स्थान पर अचानक पिछले टायर निकल गए। इससे सवारियों की चीखें निकल गई। बस की सवारियों ने बस से बाहर निकल राहत की सांस ली। गनीमत यह रही कि बस पलटी नहीं और सड़क पर ही रुक गई। अन्यथा बस के पलटने से जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। हादसे के समय बस में करीब 40 सवारियां सफर कर रही थी।
ऐसे में हादसा बड़ा रूप भी ले सकता था। मगर सड़क पर बस के रूक जाने से से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बस में सफर कर रहे निवासी राजेश कुमार, सुरेंद्र, टेक चंद, रवि कुमार, हंसराज, बबली देवी, सुरजीत, सविता और अरविंद ने बताया कि मार्ग पर निजी बस दुर्घटना होने से बाल-बाल बची। सवारियों ने छोटे वाहनों का सहारा लेेकर अपने गंतव्य का रूख किया।
खटारा बसों की वजह से हो रहे हादसे
उन्होंने कहा कि जिले में निजी बस दुुर्घटनाओं के आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। प्रशासन और विभाग खटारा हालात में चल रही निजी बसों के पर लगाम लगाने में नाकामयाब साबित हो रहा है। मगर इसका खामियाजा जनता को जान गंवाकर चुकाकर भुगतना पड़ता है। बस ऑपरेटर कमाई करने के चक्कर में बसों की नियमित रूप से मरम्मत कार्य नहीं करवाते हैं। इस वजह से बसें खटारा हो जाती है। इसके अलावा चालक तेज रफ्तार से बसें चलाते हैं और इससे हमेशा हादसे होने का खतरा बढ़ जाता है। बावजूद इसके परिवहन विभाग और पुलिस न ही बसों की हालत को लेकर कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं और न ही ओवरस्पीड पर कार्रवाई कर पाते हैं।