अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में सोमवार को स्टॉफ नर्सों और तीमारदार के बीच विवाद हो गया। नर्सों और तीमारदार के बीच जमकर बहसबाजी भी हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर छींटाकशी भी की।
विवाद अस्पताल में भर्ती बच्चे की पर्ची पर बिना जांचे बुखार का टेंचरेचर लिखने को लेकर हुआ। चंबा निवासी हर्ष जोशी ने चंबा मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में एक व्यक्ति ने नर्सों पर बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिशु वार्ड में तैनात स्टाफ नर्सें बच्चों की पर्ची पर अनुमान से टेंपरेचर और भार लिख रही हैं। हैं। तीन दिनों से उनका बच्चा अस्पताल में भर्ती था। उसे तेज बुखार था। सोमवार को डॉक्टर ने जब नर्सों को बच्चे का बुखार जांचने के लिए कहा, तो नर्सों ने अनुमान से ही पर्ची पर बच्चे का बुखार लिख दिया। इसका पता उन्हें तब चला जब उन्होंने बच्चे की पर्ची को चेक किया।
उन्होंने कहा कि वह सुबह से बच्चे के पास थे। वहां पर कोई भी बुखार चेक करने के लिए नहीं आया, तो पर्ची पर टेंपरेचर बिना जांचे कैसे आ गया। बच्चों के बुखार का टेंपरेचर और भार जांच करने के बाद ही लिखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर नर्सों द्वारा पर्ची पर लिखे जाने वाले टेंपरेचर के आधार पर दवाइयां लिखते हैं। इसका बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए ऐसे कार्य करने वाली नर्सों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
शिशु वार्ड के स्टाफ ने भी तीमारदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि तीमारदार ने वार्ड के स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही असलियत से पर्दा उठ पाएगा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विनोद शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है, वह जरूरी कार्य से चंबा से बाहर हैं। मंगलवार को कार्यालय में पहुंच जाएंगे। इसके बाद मामले की पूरी जांच पड़ताल की जाएगी।