चंबा। विशेष न्यायाधीश (सत्र न्यायाधीश) चंबा राजेश तोमर की अदालत ने चरस तस्करी के मामले में पृथ्वीराज गांव जैठल डाकघर संघणी तहसील सलूणी चंबा को दोषी करार देते हुए चार साल का कारावास और बीस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस केस की पैरवी जिला न्यायवादी विजय रेहलिया ने की। उन्होंने बताया कि यह मामला 16 अक्तूबर 2015 को प्रकाश में आया।
एसआईयू टीम चंबा ने धारगला के समीप नाकांबदी की थी। इस दौरान बरोटी की तरफ से एक व्यक्ति पैदल आया। इस व्यक्ति के हाथ में लाल रंग का बैग था। जैसे ही व्यक्ति ने पुलिस को देखा तो वो भागने का प्रयास करने लगा। टीम ने उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना नाम पृथ्वीराज बताया।
पुलिस ने जब पृथ्वी राज के बैग की तलाशी ली तो इसके भीतर से आठ सौ ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना किहार में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने मामले की पूरी जांच की और न्यायालय में चालान पेश किया। इस मामले में 14 गवाहों के बयान किए गए। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया।