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चंबा में पांच साल पहले बने सभी गोसदन होंगे क्रियाशील

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चंबा। जिला चंबा में पूर्व में बन चुके गोसदनों को अब क्रियाशील किया जाएगा। इसी संदर्भ में जिला प्रशासन ने कदमताल शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में पंचायती राज, डीआरडीए व पशुपालन विभाग से कर्मचारी शामिल होंगे। प्रत्येक खंड के विकास खंड अधिकारियों की अध्यक्षता में यह कमेटी कार्य करेगी। योजना के तहत सरकार द्वारा पूर्व में तैयार किए गए गोसदन जैसे ही सक्रिय होंगे तो प्रत्येक पशु के आधार पर पांच सौ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। जिससे पशुओं के लिए चारे की खरीद की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चंबा में वर्ष 2014-15 में करीब 31 पंचायतों में गोसदनों का निर्माण किया गया। 31 में से वर्तमान के केवल चार ही गोसदन सक्रिय हैं। अन्य गोसदनों में एक भी पशु नहीं है। विकास खंड मैहला के तहत आती ग्राम पंचायत मैहला, कीड़ी, उटीप, करियां, गागला, कुठेड़, जांघी, किलोड़ प्रीणा, बलोठ, भड़ियांकोठी, लोथल, भटिया ब्लॉक में सिहुंता, तुरपड़ा, तुन्नुहट्टी, तीसा ब्लॉक में गडफरी, सलूणी खंड के सलूणी, डियूर, सालवां, भरमार ब्लॉक के खणी, चंबा ब्लॉक में दुलाहर, टिकरी, सिढ़कुंड, भनौता व पलूंही में गोसदन बने हैं। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 31 मार्च 2021 तक सड़कों में घूम रहे पशुओं की समस्या का समाधान किया जाएगा। समस्त पंचायतें मनरेगा के तहत गो सदनों का निर्माण कर सकती है और इनके क्रियाशील होने के बाद प्रति पशु रुपये की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी।
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पशुपालन विभाग चंबा के उपनिदेशक डॉ. रवि प्रकाश ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। पूर्व में बने सभी गोसदनों का निरीक्षण कर उन्हें क्रियाशील किया जाएगा। सरकार की योजना के तहत प्रति पशु पांच सौ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।
सक्रिय गोसदनों में कितने पशु
चंबा जिला में वर्तमान समय में छह गोसदन सक्रिय हैं। जिनमें 166 पशुओं को संरक्षण प्रदान किया गया है। चुवाड़ी में 47, शनिदेव मंदिर में 31, भगोत में 19, नैणीखड्ड 47 मैहला में 13 व लाहल में नौ पशुओं को रखा गया है।
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