हमीरपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में हुई सुरक्षा चूक के मामले में बुधवार को एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर और एएसपी राजेश कुमार अदालत में पेश हुए। सत्र न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी ने जिला पुलिस को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। हालांकि, अदालत ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों के जवाब को संतोषजनक नहीं माना और अब शुक्रवार को दोबारा अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
वहीं इस पूरे मामले के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अदालत में दिए जवाब में पुलिस ने दावा किया है कि अब हर कोर्ट के बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। हमीरपुर न्यायालय परिसर में वर्तमान में आठ कोर्ट चल रहे हैं। जिला पुलिस के अनुसार अब सुरक्षा व्यवस्था के तहत कुल आठ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी, अदालत में कम से कम 10 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की बात कही है। गौरतलब है कि बीते सोमवार को भोरंज निवासी पूर्व सैनिक रमन दोनाली बंदूक और दराट लेकर अदालत परिसर में घुस गया था। आदर्श आचार संहिता के दौरान हथियारों के साथ कोर्ट परिसर तक पहुंचने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मौके पर मौजूद डीएसपी, कांस्टेबल और एक महिला की मदद से आरोपी को काबू किया गया था।
अदालत ने इस पूरे मामले को गंभीर सुरक्षा कोताही मानते हुए जिला पुलिस से जवाब मांगा था। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि पहले भी सुरक्षा को लेकर पुलिस की ओर से पुख्ता इंतजामों का दावा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कोर्ट परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। वर्तमान में अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में महज चार सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं जबकि घटना से पहले कोर्ट परिसर महज दो सुरक्षा कर्मियों के भरोसे था। घटना के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने कोर्ट परिसर में मेटल डिटेक्टर भी स्थापित कर दिया था, लेकिन अभी कोर्ट परिसर में चार सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। अब शुक्रवार को जिला पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और कार्रवाई को लेकर दोबारा अदालत में जवाब पेश किया जाएगा।