चंबा। जिले में शनिवार को कोरोना वैक्सीनेशन का पहला चरण शुरू हुआ। सुबह करीब 11.15 बजे मेडिकल कॉलेज चंबा में कोरोना महामारी से बचाव के लिए कोविशील्ड का पहला टीका लगाया गया। एमबीबीएस की प्रशिक्षु आइना ठाकुर को पहला टीका लगाया गया। अभियान का शुभारंभ उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने किया। उपायुक्त ने पहला टीका लगवाने वाली प्रशिक्षु को पुष्प भेंट कर सम्मानित किया। पहले दिन 120 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया।
राहत की बात यह है कि देर शाम तक टीके से किसी में भी दुष्प्रभाव की कोई सूचना नहीं मिली है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज चंबा में 98 लोगों को टीकाकरण के लिए चयनित किया गया। जबकि दूसरे सेंटर आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में कोरोना के 30 टीके लगाए गए। टीकाकरण अभियान सुबह से लेकर शाम सवा चार बजे तक चला। गेट के अंदर उन्हीं लोगों को भेजा गया, जिनका नाम सूची में दर्ज था। सेंटर में जाने से पहले और वैक्सीन लगाने के बाद बाहर आते समय हाथ सैनिटाइज करवाए गए। सेंटरों में इंजेक्शन रूम, वेटिंग रूम और निगरानी कक्ष की व्यवस्था की गई थी।
जिन लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए, उन लोगों का पंजीकरण स्वास्थ्य विभाग ने एक दिन पहले ही कोविन ऐप में करवाया था। ऐप में पंजीकृत लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। कोरोना वैक्सीन की पहली डोज चिकित्सक, स्टाफ नर्स, आशा वर्कर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को लगाई गई। टीकाकरण केंद्र में टीका लगाने के बाद उन्हें आधे घंटे तक निगरानी में रखा गया। जिससे टीके किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव पर नजर रखी जा सके। राहत की बात यह है कि अभियान के दौरान किसी में भी टीके का रिएक्शन नजर नहीं आया है।
टीकाकरण के पहले चरण को लेकर जिले में 5900 लोगों की सूची तैयार की गई है। जिले में कोरोना वैक्सीन की 3800 डोज आई है। इसमें 3200 लोगों को कवर किया जाएगा। जिन लोगों को पहले दिन टीके नहीं लग पाए, उन्हें स्वास्थ्य विभाग चयनित सेंटरों में 18, 21, 23, 28 और 30 जनवरी और पहली फरवरी तक टीके लगाए जाएंगे। 28 दिनों के बाद उन्हें दूसरी डोज दी जाएगी। पहला चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
कोरोना का टीक सेफ, लोग आएं आगे : आइना ठाकुर
चंबा में कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगाने वाली आइना ठाकुर ने बताया कि जब उन्हें टीका लगाया जा रहा था। वह काफी घबराई हुईं थी। मगर टीका लगने के बाद उन्हें कुछ नहीं हुआ। इससे उनकी घबराहट दूर हो गई। उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर की पढ़ाई कर रही हैं। इसलिए लोगों को इस टीके की गुणवत्ता के प्रति विश्वास दिलाने को लेकर उन्होंने पहला टीका लगाया। उन्हें देखकर अन्य लोग भी टीका लगाने के लिए आगे आएंगे। साथ ही टीका लगाने को लेकर महसूस होने वाली घबराहट से निजात पाएंगे।