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चेकअप कराने से पहले कोरोना जांच बनी आफत

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चंबा। ओपीडी में चेकअप कराने से पहले कोरोना जांच मरीजों के लिए आफत बनती जा रही है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज चंबा प्रशासन की ओर से लागू की गई इस व्यवस्था से कोरोना जांच में वृद्धि हुई है। साथ ही कोरोना के मरीज भी सामने आ रहे हैं लेकिन, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और गर्भवतियों को ओपीडी में जाने से पहले फ्लू क्लीनिक में कोरोना जांच के लिए काफी देर तक कड़कती धूप में खड़े होना पड़ रहा है। इसके चलते मरीज काफी परेशान हो रहे हैं। लिहाजा, अब भीषण धूप में कोविड टेस्ट के लिए घंटों इंतजार करने से लोग परहेज करते हुए निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में बीते कुछ दिन से मरीजों और उपचार करवाने के लिए पहुंचने वाले लोगों की तादात में काफी बढ़ोतरी हुई है।
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गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से सैंपल लेने वाले स्टाफ के लिए एक छोटा सा टेंट लगाया गया है जबकि अन्य मरीजों की सुविधा के लिए वहां पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मरीज कड़कती धूप से बचने के लिए यहां-वहां सिर छुपाते हुए नजर आते हैं। सरकारी अस्पताल में कोविड टेस्ट को लेकर होने वाली परेशानियों के चलते अब मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था भी मरीजों पर भारी पड़ रही है।
काफी देर तक खड़े रहे धूप में : हेमराज
पुखरी निवासी हेमराज ने कहा कि वह चेकअप करवाने के लिए चिकित्सक के पास पहुंचे थे। लेकिन, कोविड टेस्ट करवाने की शर्त के चलते वह काफी देर तक तेज धूप में खड़े रहे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की लचर व्यवस्था लोगों पर भारी पड़ रही है।
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घंटों करना पड़ रहा इंतजार : राजेंद्र
हरदासपुरा निवासी राजेंद्र कोपड़ा ने कहा कि ओपीडी और फ्लू क्लीनिक के बाहर एक-एक टेबल लगाकर टेस्ट किए जा रहे हैं। इससे लोगों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। यही हाल चलता रहा तो मरीज अस्पताल में उपचार से पहले ही दम तक तोड़ सकता है।
टेंट तक का नहीं किया प्रावधान : मनोज
सरोल निवासी मनोज कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण फैलने और संक्रमितों का पता लगाने के लिए बेहतरीन पहल तो की गई है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों और तीमारदारों को धूप से बचाने के लिए एक अदद टेंट तक का प्रावधान तक करना मुनासिब नहीं समझा है।
शीघ्र मिलनी चाहिए रिपोर्ट : लक्षय
करियां निवासी लक्षय कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को रैट के तहत काउंटर अलग-अलग करवा कर शीघ्र रिपोर्ट प्रदान करवाने का प्रावधान करना चाहिए, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही मरीजों और तीमारदारों के लिए मुसीबत बन गई है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मोहन सिंह ने बताया कि ओपीडी में जाने से पहले मरीजों की कोरोना जांच होने से कोरोना के कई मामले सामने आ रहे हैं। मरीजों की सुविधा के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।
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