चंबा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने चेक बाउंस मामले में दोषी को एक साल की सजा सुनाई और तीन लाख का मुआवजा शिकायतकर्ता को जारी करने के आदेश दिए हैं।
जनवरी 2019 को अपनी भतीजी के विवाह के लिए दोषी ने 2.40 लाख शिकायतकर्ता से उधार लिए थे। इसकी एवज में दोषी ने व्यक्ति को 2.40 लाख रुपये का चेक दिया। निर्धारित की गई तिथि तक दोषी उधार लिए पैसे चुकता नहीं कर पाया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उसे दिया गया चेक बैंक में केश करने के लिए लगा दिया और चेक बाउंस हो गया। इसकी सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता के पांव तले जमीन खिसक गई। उसने दोषी को इसके बारे में अवगत करवाया लेकिन वह उधार ली रकम को लौटने में टालमटोल करने लगा। इसके बाद आखिरकार शिकायतकर्ता ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में केस दायर कर दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान दोषी ने दलील दी कि उसने एक लाख रुपये शिकायतकर्ता से उधार लिए थे। इसमें से उसने 40 हजार रुपये शिकायतकर्ता को लौटा दिए हैं लेकिन इस दलील को माननीय अदालत ने सबूतों के अभाव में निरस्त कर दिया। इसी के तहत माननीय अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाते हुए चेक बाउंस मामले में दोषी को एक वर्ष का कारावास और तीन लाख रुपये मुआवजा शिकायतकर्ता को देने की सजा सुनाई है।