चंबा। दस जुलाई तक एकमुश्त किराया चुकाने वाले कारोबारियों को नगर परिषद बीस प्रतिशत की छूट देगी। डिफाल्टर दुकानदारों से दुकानों का किराया वसूलने के लिए नगर परिषद ने यह नया तरीका अपनाया है। नप की 250 के करीब दुकानदारों के पास किराये की एवज में करीब 35 लाख की धनराशि अभी फंसी हुई है।
डिफाल्टरों से पैसे निकलवाने के लिए नगर परिषद पहले भी कई बार नोटिस जारी कर चुकी है। इसके बावजूद इक्का-दुक्का दुकानदारों ने ही समयानुसार किराया चुकाया है। गौरतलब है कि नगर परिषद के तहत आते राजीव गांधी कॉम्पलेक्स, मुख्य बाजार चंबा, कसाकड़ा और बालू में 457 दुकानें हैं। नगर परिषद की आय बढ़ाने और बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाने के उद्देश्य से ही इन दुकानों को किराये पर दिया गया है। इसकी एवज में दुकानदारों को दुकानों का किराया अदा करना पड़ता है। बावजूद इसके शहर के कुछ दुकानदार समय पर दुकानों का किराया नहीं दे रहे हैं। इससे साल दर साल नगर परिषद की पेंडेंसी बढ़कर अब लाखों में पहुंच गई है। ऐसे में नप के लिए डिफाल्टरों से बकाया राशि वसूलना जी का जंजाल बन गया है।
नप ने कई बार डिफाल्टर दुकानदारों को किराया अदा न करने की एवज में बिजली-पानी के कनेक्शन काटने संबंधी नोटिस भी जारी किए। नोटिस मिलने पर कुछ दुकानदारों ने ही किराये की बकाया राशि को जमा करवाया। नप ने अब मार्च 2020-2021 तक एकमुश्त किराये की राशि जमा करवाने वाले कारोबारियों को 20 प्रतिशत छूट देने का फैसला लिया है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अक्षित गुप्ता ने कहा कि मार्च 2020-2021 तक के डिफाल्टर कारोबारी एकमुश्त किराये की राशि जमा करवाते हैं तो उन्हें 20 प्रतिशत छूट दी जाएगी। कहा कि 250 के करीब दुकानदारों से 35 लाख की राशि वसूलनी अभी शेष है।