डोडा मणिमहेश न्यास महासचिव सतीश कुमार डोगरा। स्त्रोत संवाद
चंबा। मणिमहेश यात्रा के दौरान व्याप्त अव्यवस्था की शिकायत हिमाचल के राज्यपाल और डोडा के जिलाधीश से की जाएगी। यात्रा में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। यात्रा के दौरान जिला प्रशासन की लचर व्यवस्था भी सामने आई है। यह बात मणिमहेश यात्रा पूरी करके लौटे डोडा मणिमहेश न्यास के महासचिव सतीश कुमार डोगरा ने चंबा में कही।
सतीश ने कहा कि डलझील में श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता प्रबंध नहीं थे। उन्होंने कहा कि डलझील में जब तबीयत खराब होने पर एक श्रद्धालु को डलझील में स्थापित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचाया तो वहां मौजूद के पास उसे देने के लिए दवा ही नहीं थी। मजबूरी में बीमार श्रद्धालु को पीठ पर उठाकर डेढ़ किलोमीटर दूर गौरीकुंड पहुंचाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जब वह चंबा चौगान पहुंचे तो बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी। प्रशासन ने मात्र दो ही टेंट लगाए थे, जबकि श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी। कोई भी प्रशासनिक अधिकारी ने श्रद्धालुओं की समस्या जानने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यात्रा से पूर्व जिला प्रशासन से बैठक हुई थी तो कमियां बताईं गईं थी, लेकिन यात्रा शुरू होने तक उनको दुरुस्त नहीं किया गया। इसकी पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है।
डोडा मणिमहेश न्यास के महासचिव सतीश कुमार डोगरा ने कहा कि तथ्यों के साथ यात्रा की अव्यवस्था को लेकर हिमाचल के राज्यपाल को भेजा जाएगा। साथ ही डोडा के उपायुक्त के जरिये चंबा उपायुक्त को भी शिकायत पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा के दौरान जम्मू से आने वाले जत्थों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल होते हैं, लेकिन चंबा में शौचालय तक की उचित व्यवस्था नहीं की गई थी।
मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने हरसंभव प्रयास किए हैं। इसके बावजूद भी यदि यात्रा के दौरान कोई कमी रही है तो उसे आगामी वर्ष में होने वाली यात्रा में उसे अवश्य दूर किया जाएगा।
- अपूर्व देवगन,
उपायुक्त, चंबा