चंबा। बीमा पॉलिसी से कवर होने के बाद भी बेटी के इलाज खर्च की रकम न देने पर जिला उपभोक्ता आयोग की अदालत ने बीमा कंपनी के खिलाफ ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को 31,565 रुपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज दर सहित बीमाधारक को देने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही 7,500 रुपये अदालती शुल्क और 5,000 रुपये अन्य क्षतिपूर्ति के लिए देने को कहा है।
जानकारी अनुसार पीड़ित मयंक महाजन निवासी मुगला, हरदासपुरा ने बताया कि उन्होंने हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से यंग स्टार इंश्योरेंस पॉलिसी 14 मार्च 2023 को खरीदी थी। यह पॉलिसी 15 मार्च, 2023 से 14 मार्च 2024 तक की अवधि के लिए वैध थी। इसमें 11,602 रुपये के प्रीमियम का भुगतान तय हुआ।
पॉलिसी में मयंक, उनकी पत्नी और बेटी कवर किए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 22 दिसंबर 2023 को बीमार हो गईं और उसको इलाज के लिए पठानकोट के एक अस्पताल में भर्ती करवाया। इस दौरान उन्होंने बेटी के 22 से 26 दिसंबर 2023 तक अस्पताल में भर्ती होने की सूचना कंपनी को दी।
कंपनी की ओर से 9 नवंबर 2024 को एक पत्र मिला। इसमें उन पर ही बीमित रोगी की जांच, उपचार से संबंधित तथ्य प्रस्तुत न करने का आरोप लगाते हुए बीमा राशि देने से मनाकर दिया। कहीं से भी न्याय न मिलता देख उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा का दरवाजा खटखटाया।
साथ ही पीड़ित ने न्यायालय में किस्तें जमा करने को लेकर समस्त दस्तावेज और सबूत भी पेश किए। इसके तहत अब आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा की अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है।